Saturday , September 26 2020

आइए जानते हैं कि चॉकलेट खाने से क्या-क्या होते हैं फायदे

चॉकलेट खाना बच्चों को नहीं, बल्कि बड़ों को भी बहुत अच्छा लगता है, लेकिन कई बार हमने सुना है कि चॉकलेट खाने से दांत खराब हो जाते हैं या शरीर में फैट बढ़ जाता है। वहीं कई शोध में यह खुलासा हो चुका है कि चॉकलेट खाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं और चॉकलेट शरीर को फायदा भी पहुंचाती है। दरअसल चॉकलेट कोको नाम के एक पेड़ के द्रव्य से बनाई जाती है। इस पेड़ में बहुत ज्यादा मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हितकारी होता है। तो आइए जानते हैं कि चॉकलेट खाने से क्या फायदे होते हैं –
पौष्टिकता से भरपूर:
कोको पेड़ के द्रव्य से बनाई गई चॉकलेट को डार्क चॉकलेट कहा जाता है। खासतौर पर यही चॉकलेट सेहत के लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि कोको में काफी मात्रा में खनिज और घुलनशील फाइबर होते हैं। डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, कोको में मैग्नीशियम, लोहा, पोटेशियम, जिंक के अलावा भी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में कैफीन भी पाई जाती है, इसलिए यदि हम थोड़ी सी चॉकलेट भी खाते हैं तो शरीर को बहुत ज्यादा मात्रा में कैलोरी मिलती है।
एंटीऑक्सीडेंट का सबसे बेहतर स्रोत:
डार्क चॉकलेट शरीर के लिए एंटी ऑक्सीडेंट का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। शरीर पर होने वाले बाहरी आक्रमणों को रोकने के लिए एंटीऑक्सीडेंट डाइट जरूरी होती है। दरअसल कोक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट उच्च क्वॉलिटी के होते हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि चॉकलेट में ब्लूबेरी की तुलना में ज्यादा एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।
रक्त प्रवाह में सुधार करती है चॉकलेट:
डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनोल्स होते हैं, जो नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण करते हैं, जिससे धमनियां शक्तिशाली बनती हैं और रक्त प्रवाह में बाधा नहीं आती है। शरीर में यदि रक्त प्रवाह सुचारू रूप से काम करता है तो दिल व मस्तिष्क भी उचित कार्य करता है। ऐसे में हार्ट अटैक व बीपी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है चॉकलेट:
पूरे शरीर में दिल का स्वस्थ होना बेहद जरूरी होता है। यदि दिल की धड़कन सही तरीके से काम करती रहेगी तो शरीर के अन्य हिस्सों में रक्त संचालन भी सही रहेगा, लेकिन यदि खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है। विशेषकर बैड कोलेस्ट्रॉल तो इसका नकारात्मक प्रभाव सबसे पहले दिल पर पड़ता है। डार्क चॉकलेट रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करके गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाती है।
शरीर में एचडीएल की मात्रा बढ़ने पर दिल का जोखिम भी कम हो जाता है। इसके अलावा डार्क चॉकलेट लेने पर शरीर को इंसुलिन भी पर्याप्त मात्रा में मिलता है। ऐसे में डायबिटीज के रोगी यदि डार्क चॉकलेट खाते हैं तो उसके ज्यादा नकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिलते हैं।
चेहरे पर नहीं आती है झुर्रियां:
कई वैज्ञानिक शोध में यह भी खुलासा हुआ है कि डॉर्क चॉकलेट में मौजूद कोको फ्लैवनॉल बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी नहीं आने देता है। एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना डॉर्क चॉकलेट के दो कप पीने से वृद्ध लोगों का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी सोचने की क्षमता भी तेज होती है। दिमाग स्वस्थ रहता है तो इसका सकारात्मक परिणाम शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है।