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महिलाएं अपने दिल को रख सकती हैं स्वस्थ,इन पांच बातों का ऐसे रखे ध्यान

महिलाओं में दिल को सेहतमंद रखने की कुंजी क्या है? एक स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम तो जरूरी है ही, लेकिन इसके सभी जोखिम भरे कारकों, हृदय रोग के लक्षणों को समझने के साथ यह जानना जरूरी है कि क्यों महिलाओं को डॉक्टर के संपर्क में रहने की आवश्यकता है। महिलाओं को अक्सर लगता है कि स्तन कैंसर उनका सबसे बड़ा स्वास्थ्य जोखिम है, लेकिन हृदय रोग संयुक्त रूप से कैंसर के सभी रूपों की तुलना में ज्यादा महिलाओं की मौत का कारण बनता है। www.myupchar.com से जुड़े के डॉ. नबी वली का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर कई प्रकार के हृदय रोगों को रोका जा सकता है। महिलाओं को अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन पांच बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
जानिए क्या है दिल की सेहत के लिए रिस्क फैक्टर:
पुरुषों की तरह ही महिलाओं में भी हृदय रोग के कई जोखिम कारक हैं जैसे उम्र, पारिवारिक इतिहास, धूम्रपान और हाई कोलेस्ट्रोल, हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज जैसी स्थितियां शामिल हैं। महिला को हृदय रोग का ज्यादा जोखिम है अगर छोटी उम्र (10 साल से कम) में पीरियड्स शुरू हो जाए, गर्भावस्था से जुड़ी स्थितियां जैसे जेस्टेशन डायबिटीज, हाई डायबिटीज, कम उम्र में मेनोपॉज (44 वर्ष से कम) जैसी चिकित्सा स्थितियां हैं।
नियमित जांच:
महिलाएं अक्सर दूसरों की देखभाल करने में व्यस्त रहती हैं, लेकिन साथ ही साथ खुद की देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है। महिलाओं को डॉक्टर से अपनी सेहत के बारे में एक एनुअल चेक-अप (साल में कम से कम एक बार) करवाना चाहिए। ताकि सेहत की किसी भी स्थिति में समय पर लक्षणों की पहचान हो जाए और उचित इलाज हो सके।
दिल के लिए अपनाएं सेहतमंद जीवनशैली:
एक स्वस्थ जीवनशैली महिलाओं के लिए हृदय स्वास्थ्य की नींव है। महिलाएं स्वस्थ विकल्प अपनाकर दिल को सेहतमंद रख सकती है। इन विकल्पों में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए, जिसमें विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां, साबुत अनाज, लीन पोल्ट्री, मछली और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद शामिल हों। नियमित शारीरिक गतिविधि करना, धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल छोड़ना, शारीरिक गतिविधि, हॉबी या मेडिटेशन से तनाव से निपटने के लिए स्वस्थ तरीके खोजना, जोखिम कारकों पर नजर रखने के लिए नियमित जांच करवाना शामिल हैं।
ध्यान दें क्या कर रहे हैं महसूस:
ज्यादातर लोग जानते हैं कि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और थकान या बहुत थकान महसूस करना हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं। अन्य लक्षणों में छाती में फड़फड़ाहट जिसे दिल की धड़कन भी कहा जाता है, सूखी खांसी, चिंता, पैरों या टखनों में सूजन, पैरों में सूजन के साथ वजन बढ़ना, थकान भी शामिल हो सकते हैं। याद रखें कि यदि गुस्सा, परेशान, निराश या तनावग्रस्त होने पर दिल से संबंधित लक्षण मिलते हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। यह हृदय रोग का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे चिंता या आप अत्यधिक भावनात्मक मानकर नजरअंदाज न करें।
जानें दिल के दौरे का संकेत:
दिल का दौरा पड़ने के दौरान महिलाओं में सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और हाथ में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन कई महिलाओं में छाती में दबाव या दर्द आता और जाता है, पसीना आना, जी मिचलाना, चक्कर आना या जबड़े, हाथ या पीठ में दर्द और थकान अन्य संकेत हो सकते हैं।