Tuesday , November 24 2020

बुराई पर विजय का प्रतीक रावण का पुतला दहन होते ही गूँजे जय श्रीराम के उद्द्घोष

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
■ कोरोना की वजह से नहीं जुटी पहले की तरह भीड़
■ सिर्फ परम्परा का हुआ निर्वहन

विंढमगंज । थाना क्षेत्र अंतर्गत महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर सायंकाल रावण के पुतले का दहन किया गया। इस बार कोविड 19 के पाबन्दियों के कारण इस मैदान में लगने वाले एहतिहासिक मेले का आयोजन नही किया गया।इसी क्रम में रावण के युद्ध भूमि में पहुँचते ही राम-रावण में युद्ध प्रारम्भ हो जाता है।युद्ध भूमि में रावण के ऊपर बाणों के प्रहार के बाद भी अधिक देर तक अडिग रहने पर महाराज भीभीषण प्रभु श्रीराम को बताते हैं कि रावण के नाभी में अमृत है।आप रावण के नाभी में अग्नि बाण से प्रहार करिये।

प्रभु श्रीराम के बाण मारते ही रावण मूर्क्षित होकर युद्ध भूमि में मारा जाता है।इस प्रकार सत्य पर असत्य की विजय होती है।रावण का पुतला दहन होते ही जय श्रीराम के उद्द्घोष से पूरा मैदान गुंजायमान हो जाता है।इसके पूर्व सरकारी गाइड लाइंस के अनुसार समिति द्वारा सीमित दर्शकों को साबुन से हाथ धुलाकर, सेनेटाइड कर तथा थर्मल स्केनिंग के बाद ही रामलीला मैदान में प्रवेश कराया गया था।इस मौके पर मनोज मिश्रा,शेषमणि चौबे,लखन कन्नौजिया,राजनाथ गोस्वामी,विकास कन्नौजिया तथा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।सुरक्षा व्यस्था के लिए विंढमगंज थानाध्यक्ष बृजमोहन सरोज ,पुलिस बल तथा पीएसी के साथ मौजूद रहे।