Wednesday , April 8 2020

महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, कोरोना के खिलाफ युद्ध में 21 दिन लगने वाले हैं- मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि कोरोना वायरस की वजह से आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है । उन्होंने कहा कि 18 दिन में महाभारत का युद्ध जीता गया था, आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से संवाद में कहा कि संकट की इस घड़ी में काशी लोगों को राह दिखा सकती है, देश को धैर्य, करुणा और शांति सीखा सकती है ।
पीएम मोदी ने अपने संवाद की शुरुआत में काबुल स्थित गुरूद्वारे पर हुए आतंकी हमले की निंदा की । उन्होंने कहा, ”आज काबुल में गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले से मन काफी दुखी है । मैं इस हमले में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’ हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है ।
पीएम मोदी ने नवरात्रि की शुभकामनाएं दी । उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है । मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं । उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें हम सभी को मां शैलसुते के आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है ।
पीएम मोदी ने कहा कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं । हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए । महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण महारथी, सारथी थें, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की बहुत बड़ी भूमिका है ।
पीएम मोदी ने कहा कि काशी का तो अर्थ ही है- शिव. शिव यानी कल्याण । शिव की नगरी में, महाकाल-महादेव की नगरी में संकट से जुझने का, सबको मार्ग दिखाने का सामर्थय है ।
कोरोना बीमारी के देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही है । सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है. यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है । कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने WhatsApp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है । अगर आपके पास WhatsApp की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर ‘नमस्ते’ खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा ।
कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद मेडिकल स्टाफ से हुई बदसलूकी को लेकर पीएम मोदी ने चिंता जताई और कहा कि मैं बेहद दुखी हूं । उन्होंने कहा, ”कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं कि आप गलत कर रहे हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है ।।कुछ स्थानों से एयरलाइन कर्मियों, डाक्टरों, नर्सो से बुरा बर्ताव करने की खबरें आई हैं । ये घटनाएं छुटपुट हो सकती हैं लेकिन मेरे लिये गंभीर है । ऐसा करने वालों को महंगा पड़ेगा।’’
पीएम मोदी ने कहा, ”मेरा लोगों से आग्रह है कि गलतफहमी से बाहर निकलें और सच्चाई को समझें । ये बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती । समृद्ध लोगों या व्यायाम करने वालों को भी ये वायरस अपने चपेट में लेता है। बीमारी कितनी भयानक है ये समझना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि कोरोना को जवाब देने का दूसरा एक ताकतवर तरीका है और वो है करुणा । कोरोना का जवाब करुणा से हम गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाकर भी कोरोना को पराजित करने का एक कदम ये भी ले सकते हैं ।
बीएचयू के प्रोफेसर डॉ गोपाल नाथ के एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के संक्रमण का इलाज अपने स्तर पर बिल्कुल नहीं करना है ।डॉक्टर की सलाह से ही कुछ करना है । पीएम मोदी ने कहा, ‘’ प्रोफेसर साहब आपकी चिंता जायज है । हमारे यहां डॉक्टरों को पूछे बिना दवाएं लेने की आदत है । इससे हमें बचना है. कोरोना के संक्रमण का इलाज अपने स्तर पर बिल्कुल नहीं करना है, घर में रहना है और जो करना है डॉक्टरों की सलाह से ही करना है ।’
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी । यह फैसला कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए लिया गया है । अब तक देश में 562 मामलों की पुष्टि हुई है और 11 लोगों की मौत हो चुकी है ।