Wednesday , October 21 2020

इस दिन सूर्य देव और भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा अर्चना करने से मिलेंगे विशेष फल, जानें

अधिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी 27 सितंबर को है। अधिकमास में पड़ने वाली एकादशी को कमला एकादशी, पद्मिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस एकादशी का बहुत महत्व होता है। एकादशी तिथि 27 सितंबर को सुबह 06:02 बजे शुरू होगी और एकादशी तिथि 28 सितंबर को सुबह 07.50 मिनट पर समाप्त होगी।
अधिकमास भगवान श्रीहरि विष्णु का मास है। इसलिए इस महीने में भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। कहते हैं कि इस व्रत को करने वाला हर प्रकार के दुखों से छूट जाता है और अंत में उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि यह एकादशी रविवार को पड़ रही है, इसलिए इसका महत्व औऱ भी बढ़ गया है। आपको बता दें कि जिस तरह अधिकमास तीन साल में एक बार आता है, उसी प्रकार यह एकादशी भी तीन साल में एक बार आती है।
इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा अर्चना के साथ सूर्यदेव का भी विशेष पूजन अर्चन हो जाएगा। अधिकमास में इस एकादशी व्रत का महत्व तो स्वंय भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर और अर्जुन को बताया था।ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्रीहरि विष्णु और सूर्य देव की पूजा एक साथ करने जीवन में कई परेशानियों का अंत होता है।
इस दिन सुबह उठकर सच्चे मन से व्रत का संकल्प लेकर स्नानादि क्रियाओं से निवृत होने के बाद भगवान श्री हरि जी की धूप, दीप, नेवैद्य, पुष्प एवं मौसमी फलों से पूजा करें। पंचामृत से भगवान को स्नान कराएं। पूरे दिन निराहार व्रत रखें। आप फलाहार कर सकते हैं।