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कोरोना टीकाकरण में फर्जी रिपोर्टिंग का खेल जारी, जिसे नहीं लगी दूसरा डोज, उसके मोबाइल पर भी आ रहा मैसेज

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । उन्नाव के बाद अब जिले में भी टीकाकरण की फीडिंग में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना टीकाकरण की सुस्त रफ्तार देख जब नवागत जिलाधिकारी टी0के0शिबू ने सीएमओ को फटकार लगाते हुए टीकाकरण की गति बढ़ाने का निर्देश दिया उसके बाद तो जिला मुख्यालय व आस-पास के निवासियों के पास दूसरी डोज लगने का मैसेज पहुंचने की रफ़्तरा तेज हो गयी भले ही उन्होंने अभी तक दूसरी डोज लगवाई ही नहीं है। अब ऐसे मैसेज देखकर लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि बिना वैक्सीन लगवाए ही लग जाने का मैसेज आ गया है, अब वह दूसरी डोज लगवाने जाएंगे तो टीका उन्हें कैसे लगेगा, क्योंकि पोर्टल में तो दोनों डोज लगाई जा चुकीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कोविड टीकाकरण में फर्जी रिपोर्टिंग का मामला सामने आ रहा है। जिले में अब तक लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे प्रमाणित हो रहा है कि टीकाकरण की फीडिंग में कुछ गड़बड़ है। जनपद न्यूज़ live स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही को लगातार उठा रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अभी भी इस गलती को दुरुस्त कर पाने के बजाय इस पर पर्दा डालने में लगे हैं।

केस- 1
सतवल के अजीत शुक्ला को पहुंचा मैसेज –
सतवल गांव के अजीत शुक्ला ने पहली तीन जून को पहली डोज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नई बाजार में पहली डोज लगवाई थी। अब तक इन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। सोमवार को इन्हें दूसरी डोज लगवाने का मैसेज पहुंच गया।

केस-2
सारिका का सार्टिफिकेट भी अपलोड –
नगर पालिका रॉबर्ट्सगंज के वार्ड नं0 16 निवासी सारिका देवी ने 18 सितंबर को पहला टीका लगवाया था। बीमारी के कारण दूसरा टीका नहीं पाई लेकिन बावजूद इसके 22 नवम्बर को इन्हें दूसरा टीका लगने और सार्टिफिकेट लोड होने का मैसेज आ गया है।

केस-3
रॉबर्ट्सगंज के आकर्षक आनंद को मिला सेकेंड डोज लगने का मैसेज –
नगर पालिका रॉबर्ट्सगंज ने न्यू कॉलोनी निवासी आकर्षक आनंद में सितंबर में कोविड सील्ड की पहली डोज लिया था और वह 20 नंवबर को दूसरा डोज लगने का मैसेज देख आवक रह गए। मैसेज देख जब वह सीएमओ कार्यालय जानकारी करने पहुँचे तो इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दे सके। अब वह अपने सेकेंड डोज लगवाने को लेकर आशंकित हैं।
वहीं पूरे मामले पर जब जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ0 रामकुंवर से पूछा गया तब पहले तो वो ऐसे मैसेज जाने की गलती को मानने को तैयार नहीं हुए लेकिन जब इसके प्रमाण दिखाने की बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अभी छुट्टी से आये हैं और यदि ऐसा हो रहा है तो वो इसे देखवाएँगे।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग नवागत जिलाधिकारी को खुश करने के लिए टीकाकरण के नाम पर सिर्फ आंकड़ेबाजी का खेल खेल रहा है या फिर मामला कुछ और ही है यह तो जाँच के बाद ही सामने आ सकेगा। ऐसे में यह यक्ष प्रश्न भी खड़ा होता है कि जिन्हें दूसरा डोज लगे बगैर टीकाकरण होने का मैसेज आ गया है अब स्वास्थ्य विभाग उनका वैक्सिनेशन कैसे और किस प्रोसेस से करता है।