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कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर फिर भड़के कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह आज एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर जमकर बरसे । उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अनुभवहीन बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व के करीबियों केसी वेणुगोपाल, अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला पर निशाना साधा।
कैप्टन ने कहा, ”सिद्धू को सीएम बनने से रोकने के लिए किसी भी कुर्बानी को तैयार हैं । आगामी विधानसभा चुनाव में सिद्धू के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारूंगा। अगर पंजाब में नवजोत सिद्धू सीएम के चेहरे होते हैं तो कांग्रेस अगर दहाई अंक में भी पहुंची तो बड़ी बात होगी।” कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्धू को ‘सुपर सीएम’ और ‘खतरनाक व्यक्ति’ बताया ।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने पूर्व सीएम का बयान जारी किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था । इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया सीएम बनाया गया । सोमवार को चन्नी ने सीएम पद की शपथ ली थी । इस समारोह में नाराज कैप्टन नहीं पहुंचे थे । यह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में बड़ी सियासी उठापटक है ।
चरणजीत चन्नी के सीएम बनने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह का पहला बयान है । कैप्टन ने कहा, ”मैं जीत के बाद राजनीति छोड़ने को तैयार था लेकिन हार के बाद कभी नहीं । 3 हफ्ते पहले सोनिया गांधी को मैंने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मुझे पद पर बने रहने के लिए कहा था । अगर उन्होंने मुझे फोन किया होता और मुझे पद छोड़ने के लिए कहा होता, तो मैं इस्तीफा दे देता।”
अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह अपने राजनीतिक विकल्पों को खुला रखे हुए हैं और भविष्य का कदम तय करने से पहले अपने मित्रों से चर्चा कर रहे हैं । उन्होंने कहा,‘‘आप 40 साल की उम्र में बुजुर्ग हो सकते हैं और 80 साल की उम्र में युवा।’’ सिंह ने साफ किया कि वह अपनी उम्र को बाधा नहीं मानते हैं ।
उन्होंने कहा, ”प्रियंका गांधी और राहुल गांधी मेरे बच्चों की तरह हैं…यह इस तरह खत्म नहीं होना चाहिए था । मैं दुखी हूं । तथ्य यह है कि भाई-बहन अनुभवहीन हैं और उनके सलाहकार स्पष्ट रूप से उन्हें गुमराह कर रहे हैं।” कैप्टन ने आगे कहा, ”केसी वेणुगोपाल, अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला कैसे तय कर सकते हैं कि किसके लिए कौन सा मंत्रालय सही रहेगा । जब मैं सीएम था तो अपने मंत्रियों को उनकी जाति के आधार पर नहीं बल्कि उनकी प्रभावशीलता के आधार पर नियुक्त किया ।