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आज से सावन शुरू, जानें पूजा विधि, शिव पूजा सामग्री और नियम

आज से यानी 25 जुलाई से सावन के पावन माह की शुरुआत हो गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार 25 जुलाई से 22 अगस्त तक सावन का महीना रहेगा। हिंदू धर्म में सावन के महीने का बहुत अधिक महत्व होता है। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। इस माह में विधि- विधान से भोलेनाथ की पूजा- अर्चना की जाती है। भोलेनाथ की कृपा से व्यक्ति को सभी तरह के दुख- दर्द से मुक्ति मिल जाती है और जीवन सुखमय हो जाता है। आइए जानते हैं सावन माह की में भगवान शिवशंकर की अराधना कैसे करें और किन नियमों का पालन करना चाहिए।

सावन माह पूजा- विधि:
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
-घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
-सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें
-शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
-भगवान शिवशंकर को पुष्प अर्पित करें।
-भगवान शिवशंकर को बेल पत्र अर्पित करें।
-भगवान शिवशंकर की आरती करें और भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
-भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।
सावन माह के नियम:
सावन माह में व्यक्ति को सात्विक आहार लेना चाहिए। इस माह में प्याज, लहसुन भी नहीं खाना चाहिए।
-सावन के महीने में मांस- मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
-इस माह में अधिक से अधिक भगवान शंकर की अराधना करनी चाहिए।
-इस माह में ब्रह्मचर्य का भी पालन करना चाहिए।
-सावन के महीने में सोमवार के व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है।
-अगर संभव हो तो सावन माह में सोमवार का व्रत जरूर करें।
भगवान शिवशंकर की पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री:
पुष्प, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें,तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, भगवान शिवशंकर व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री आदि।
सावन सोमवार लिस्ट:

पहला सोमवार- 26 जुलाई
दूसरा सोमवार- 02 अगस्त
तीसरा सोमवार- 09 अगस्त
चौथा सोमवार- 16 अगस्त