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सफलता हासिल करने के लिए अपनी मंजिल खुद करें तय

सफलता हासिल करने के लिए लोग कड़ी मेहनत करते हैं, परंतु कई बार फिर भी सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। जीवन में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है। सफलता हासिल करने के लिए कुछ बातों का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है, जैसे सफलता हासिल करने के लिए हमें अपनी मंजिल खुद तय करनी होती है। दूसरों के पीछे भागते रहने से कई बार हम अपना रास्ता भटक जाते हैं। आइए आपको विवेकानंद जी की एक कहानी के माध्यम से बताते हैं कि अपनी मंजिल खुद तय करना क्यों जरूरी होता है।
कहानी:
एक व्यक्ति स्वामी विवेकानंद जी से बोला कि मैं कड़ी मेहनत करता हूं, लेकिन फिर भी सफल नहीं हो पाता हूं। मुझे हर बार असफलता ही मिलती है। तब स्वामी जी ने उससे कहा कि तुम जाओ और अपने कुत्ते को सैर करा लाओ। वह व्यक्ति अपने कुत्ते को सैर कराने ले गया। जब वह व्यक्ति कुत्ते को सैर कराने के बाद वापस आया तो कुत्ता काफी थका हुआ था, पर उस व्यक्ति का चेहरा चमक रहा था।
तब स्वामी जी ने उस व्यक्ति से पूछा कि तुम्हारा कुत्ता इतना थका लग रहा है और तुम्हारा चेहरा चमक रहा है, ऐसा क्यों? जबकि तुम दोनों तो साथ ही में गए थे। तब वह व्यक्ति बोला कुत्ता गली के कुत्तों के पीछे भाग रहा था और मैं सीधे अपने रास्ते चल रहा था, इसलिए कुत्ता थक गया और मैं नहीं थका।
स्वामी जी ने उस व्यक्ति से कहा यही तुम्हारे सवाल का जवाब है। तुम जब अपनी मंजिल पर जाने के लिए दूसरों के पीछे भागते हो तो थक जाते हो या रास्ता भटक जाते हो। तुम अगर अपनी मंजिल पर सीधे चलोगे तो तुम्हें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। इसलिए किसी के पीछे भागने से बेहतर है अपना रास्ता खुद बनाया जाए।