Sonbhadra News : फर्जी पट्टे के खेल में पूरा सदर तहसील फंसा, मगर कार्यवाही महज लेखपाल पर, बीजेपी नेता ने दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की
sonbhadra
5:57 PM, Jan 21, 2026
ग्राम पंचायत लसड़ा अंतर्गत स्टेट हाईवे के किनारे स्थित बहुमूल्य भूमि का अवैध तरीके से आवासीय पट्टा (लीज) करने के आरोप में स्थानीय प्रशासन द्वारा संबंधित लेखपाल को निलंबित कर दिया।


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शान्तनु कुमार/आनंद चौबे
सोमनद्र । उत्तर प्रदेश के जनपद सोनभद्र के सदर तहसील रॉबर्ट्सगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत लसड़ा अंतर्गत राज्य स्तरीय राजमार्ग (स्टेट हाईवे) के किनारे स्थित बहुमूल्य भूमि का अवैध तरीके से आवासीय पट्टा (लीज) करने के आरोप में स्थानीय प्रशासन द्वारा संबंधित लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। जबकि तहसीलदार, एसडीएम के स्टेनो एवं कानूनगो आदि को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। उक्त प्रकरण में संबंधित ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है। उक्त जानकारी एक अधिकारी ने दी।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रॉबर्ट्सगंज उत्कर्ष द्विवेदी आई ए एस ने बताया कि जनपद की सदर तहसील के ग्राम पंचायत लसड़ा अंतर्गत कलवारी खलियारी मार्ग पर बेठिगांव मार्ग के सामने नगरपालिका पंप हाउस के पास स्थित सरकारी भूमि आराजी संख्या 230 पर चार लोगों को पांच बिस्वा जमीन का पट्टा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी पट्टाधारक महिलाएं हैं। एसडीएम ने बताया कि कलवारी खलियारी मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है तथा उक्त भूमि चौड़ीकरण के दायरे में आती है अनुमान लगाया जा रहा है कि चौड़ीकरण के दायरे में आने पर उक्त भूमि का अधिग्रहण संभावित है जिसका मुआवजा करोड़ों रुपया बनेगा l इस प्रकार संबंधित भूमि की कीमत स्थानीय लोगों के अनुसार करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। द्विवेदी ने बताया कि राजमार्ग के किनारे की इतनी कीमती जमीन का पट्टा किया जाना सर्वथा अनुचित है साथ ही नियम विरुद्ध भी है l इस परिस्थिति में संबंधित पट्टों के निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में क्षेत्रीय लेखपाल श्वेता सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तहसीलदार अमित कुमार सिंह का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी क्रम में ग्राम प्रधान रुचि पांडेय के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि कानूनगो अवधेश तिवारी, नायब तहसीलदार मनोज मिश्र, राजस्व निरीक्षक कार्यालय राजेंद्र प्रसाद टंडन, एसडीएम के स्टेनो अखिलेश मिश्र के विरुद्ध जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। एसडीएम ने बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इसी मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर किए गए पट्टों के कारण वहाँ स्थित सिरोही नदी का अस्तित्व समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि नदी की भूमि में ही संबंधितों द्वारा अवैध पट्टा कर दिया गया। उन्होंने कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।