Sonbhadra News : स्वास्थ्य महकमा फेल, जारी है हेल्थ माफियाओं का खेल! 65 हजार के लिए कैदी बना मरीज
sonbhadra
12:06 AM, Apr 12, 2026
जिले में अवैध अस्पतालों और तथाकथित हेल्थ माफियाओं का बोलबाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावों के बावजूद मरीजों के शोषण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला दुद्धी.......


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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में अवैध अस्पतालों और तथाकथित हेल्थ माफियाओं का बोलबाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावों के बावजूद मरीजों के शोषण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला दुद्धी क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल पर 65 हजार रुपये का बिल न चुका पाने पर मरीज को बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर मरीज को मुक्त कराने और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिजन अर्जुन कुमार ने सीएमओ को भेजे पत्र के माध्यम से बताया कि फुलवार गांव निवासी रामस्वरूप पुत्र बाबूलाल का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में चल रहा था, जहां डॉक्टरों ने उसकी दिक्कत को देखते हुए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। इसी दौरान अस्पताल परिसर में सक्रिय एक दलाल ने उन्हें बहला-फुसलाकर विंढमगंज रोड स्थित के0एम0 हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया और कम खर्च में इलाज कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि एक सप्ताह तक इलाज के नाम पर उन्हें उलझाकर रखा गया और बनारस ले जाकर ऑपरेशन कराने की बात कहकर भारी भरकम बिल बना दिया गया।
पीड़ित परिजनों का कहना है कि कई बार अस्पताल प्रबंधन से मरीज को डिस्चार्ज करने की गुहार लगाई गई, लेकिन साफ कहा गया कि जब तक पूरा 65 हजार रुपये का बिल जमा नहीं होगा, तब तक मरीज को नहीं छोड़ा जाएगा। वहीं परेशान परिजनों ने इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सोनभद्र को पत्र देकर मरीज को मुक्त कराने और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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इस संबंध में सीएचसी दुद्धी चिकित्साधीक्षक डॉ0 शाह आलम अंसारी ने बताया कि "मामला उनके संज्ञान में है। फिलहाल वह किसी कार्य से बाहर हैं, लेकिन वापस आने पर मामले की जांच की जाएगी। यदि मरीज को बंधक बनाए जाने की बात सही पाई गई तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
गौरतलब है कि अभी कुछ ही दिनों पूर्व निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी द्वारा दुद्धी क्षेत्र का दौरा किया गया था। इस दौरान अवैध तरीके से संचालित कई अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किए जाने का दावा किया गया था और इस कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया में भी खूब वाहवाही बटोरी थी लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसी क्षेत्र में संचालित यह कथित अवैध अस्पताल जांच की आंच से कैसे बच गया। अब यहां मरीज को बंधक बनाए जाने के आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।